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मिशन 2027 की तैयारी: गांधी जयंती पर देहरादून पहुंचेंगे बीजेपी के नए प्रभारी-सह प्रभारी, चुनावी रणनीति पर दो दिन होगा मंथन

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देहरादून। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को धार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने संगठन स्तर पर अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बीजेपी के नवनिappointed प्रदेश प्रभारी राम माधव, सह-प्रभारी अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज आगामी 2 अक्तूबर से अपने पहले दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंच रहे हैं। गांधी जयंती के पावन अवसर से शुरू हो रहा यह दौरा राज्य के राजनीतिक गलियारों और बीजेपी खेमे में खासी हलचल पैदा कर रहा है।

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी राम माधव और सह प्रभारी अरविंद मेनन व बांसुरी स्वराज का पहला दो दिवसीय प्रदेश दौरा 2 अक्तूबर से शुरू होगा। देहरादून प्रवास के दौरान तीनों नेता प्रदेश संगठन की जमीनी स्थिति, जिलावार गतिविधियों और चुनावी तैयारियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों के साथ मंथन करेंगे। इसकी जानकारी प्रदेश भाजपा की ओर से जारी कार्यक्रम के आधार पर सामने आई है। भाजपा ने हाल ही में संगठनात्मक बदलाव करते हुए राम माधव को उत्तराखंड का प्रदेश प्रभारी बनाया है। उनके साथ अरविंद मेनन और सांसद बांसुरी स्वराज को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। यह बदलाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के मुताबिक, 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद प्रभारी और सह प्रभारी प्रदेश पदाधिकारियों तथा सभी जिलाध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में जिलावार संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा होगी। विभिन्न जिलों में पार्टी की गतिविधियों, संगठन के विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा की जाएगी। दूसरे दिन भाजपा के सातों मोर्चों की प्रदेश टीमों के साथ बैठक प्रस्तावित है। इसमें युवा, महिला, किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य मोर्चों से जुड़े संगठनात्मक विषयों तथा आगामी चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होगी। नए प्रभारी-सह प्रभारियों का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भाजपा राज्य में चुनावी संगठन को सक्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे पहले 25 सितंबर को तीनों नेताओं ने देहरादून में भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में भाग लिया था। उस बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ राज्यसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई थी। अब 2 अक्तूबर से शुरू होने वाले दो दिवसीय प्रवास में संगठन की व्यापक समीक्षा पर फोकस रहेगा। खासतौर पर जिलों और मोर्चों की सक्रियता को लेकर सीधे पदाधिकारियों से फीडबैक लिया जाएगा। भाजपा के लिए यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए संगठनात्मक ढांचे को चुनावी स्तर पर सक्रिय करने की प्रक्रिया चल रही है। आने वाले महीनों में बूथ से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक संगठन की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रभारी और सह प्रभारियों की बैठकों से पार्टी की आगामी संगठनात्मक कार्ययोजना की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।