Breaking News :

हेलीपैड पर लगा मुख्यमंत्री का 'जनता दरबार': सीएम धामी ने सुनीं समस्याएं,अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के सख्त निर्देश

Blog
 Image

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा दौरे के दौरान एक बार फिर सामान्य जनमानस से सीधा संवाद कायम कर प्रशासनिक संवेदनशीलता की नजीर पेश की है। बुधवार को खटीमा स्थित लोहियाहेड हेलीपैड पर उतरते ही मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं तथा शिकायतों को पूरी आत्मीयता से सुना। मुख्यमंत्री के इस अप्रत्याशित 'जनता दरबार' से स्थानीय लोगों में अपनी समस्याओं के निस्तारण को लेकर भारी उम्मीद जगी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा के लोहियाहेड हेलीपैड पर आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों ने क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता को संतोषजनक परिणाम भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए प्रशासन को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करनी होगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मूल मंत्र के साथ काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि जनता को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सरल प्रक्रिया के माध्यम से मिले तथा शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निस्तारण में पारदर्शिता के साथ गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत पर कार्रवाई होने के बाद उसका वास्तविक प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। हेलीपैड पर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे लोगों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं और जरूरतों से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान कई जनप्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र की विकास आवश्यकताओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषय मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र की विकास आवश्यकताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर जनता की अपेक्षाओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने और क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा। मुख्यमंत्री का यह जनसंवाद ऐसे समय हुआ, जब खटीमा में विभिन्न विकास योजनाओं और स्थानीय समस्याओं को लेकर जनता की अपेक्षाएं बनी हुई हैं। हेलीपैड पर मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात के दौरान लोगों को अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिला। प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर ही शिकायतों की प्राथमिकता तय कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी संकेत दिया कि जनसमस्याओं के समाधान में देरी को सामान्य प्रक्रिया मानकर नहीं चला जा सकता। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें शिकायत लेकर आने वाले व्यक्ति को समय पर समाधान मिले और उसे बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मोर्य, दर्जा मंत्री मोहनी पोखरिया, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, रमेश डिंगरा, भवानी भंडारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एएसपी अजय गणपति, एडीएम पंकज उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। हेलीपैड पर हुआ यह जनसंवाद प्रशासन के लिए भी एक स्पष्ट संदेश रहा कि जनता की शिकायतों का समाधान केवल दर्ज करना नहीं, बल्कि समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से करना सरकार की प्राथमिकता है।