Breaking News :

उत्तराखंड में बना नया इतिहास: 2 लाख लोगों ने एक साथ गाया ‘वंदे मातरम’, देशभक्ति के सुरों से गूंजी देवभूमि

Blog
 Image

हरिद्वार। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर शुक्रवार को उत्तराखंड में देशभक्ति और जन-गण के अद्भुत उत्साह का ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख संस्था ‘विद्या भारती’ के आह्वान पर पूरे राज्य में एक साथ, एक ही समय पर दो लाख लोगों ने पूरे प्रोटोकॉल के साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गान कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।

राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उत्तराखंड में शुक्रवार को देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। राज्यभर में एक साथ करीब दो लाख लोगों ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया। विद्या भारती की ओर से आयोजित इस अभियान के तहत प्रदेश के 552 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक, कर्मचारी, अभिभावक और स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम के लिए सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया गया था। निर्धारित समय पर विभिन्न स्थानों पर लोगों ने प्रोटोकॉल के तहत संपूर्ण वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया। हरिद्वार में भी कई विद्यालयों और अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों ने राष्ट्रगीत का गायन किया। हरिद्वार के सरस्वती विद्या मंदिर मायापुर में आयोजित कार्यक्रम में तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने एक साथ वंदे मातरम का गायन किया। निर्धारित समय पर पूरा परिसर राष्ट्रगीत की सामूहिक आवाज से गूंज उठा। विद्या भारती के क्षेत्रीय निरीक्षक डॉ. विजय पाल ने बताया कि उत्तराखंड में विद्या भारती के 552 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ स्टाफ और अभिभावकों ने भी अभियान में सहभागिता की। उनके अनुसार प्रदेश में करीब दो लाख लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अधिक से अधिक लोगों को राष्ट्रगीत से जोड़ना है। इसके लिए विद्यालयों के साथ समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। विद्या भारती के पदाधिकारियों के अनुसार वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में व्यापक स्तर पर सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। संस्था के अनुसार करीब 25 हजार स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में लगभग एक करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया। इस अभियान के तहत संपूर्ण वंदे मातरम के सामूहिक गायन के माध्यम से बड़े पैमाने पर सहभागिता दर्ज कराने का प्रयास किया गया। आयोजकों की ओर से इसे रिकॉर्ड पुस्तकों में दर्ज कराने के लिए भी प्रयास किए जाने की बात कही गई है। उत्तराखंड में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों के साथ शिक्षक, विद्यालय स्टाफ, अभिभावक और स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए। आयोजकों के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर निर्धारित समय पर सामूहिक गायन कराया गया, जिससे अभियान को व्यापक जनभागीदारी मिली। डॉ. विजय पाल ने कहा कि राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर लोगों को वंदे मातरम के इतिहास और भाव से जोड़ने का अवसर भी है। उन्होंने बताया कि राज्य के विद्या भारती विद्यालयों में अभियान को लेकर पहले से तैयारियां की गई थीं। हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी रही। मायापुर के सरस्वती विद्या मंदिर में बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को व्यापक रूप दिया। प्रदेशभर में 552 स्थानों पर एक साथ हुए सामूहिक गायन के साथ उत्तराखंड भी इस राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा बना।