देहरादून। देश भर में प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत दी है। धामी सरकार ने फैसला लिया है कि सितंबर 2026 माह का वेतन और पेंशन 26 सितंबर (शनिवार) तक सभी कार्मिकों के बैंक खातों में जमा करा दी जाए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बैंक सेवाओं के ठप होने से पूर्व कर्मचारियों को किसी भी संभावित वित्तीय संकट से बचाना है।
उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत की खबर है। प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को देखते हुए राज्य सरकार ने सितंबर 2026 के वेतन और पेंशन का भुगतान निर्धारित समय से पहले करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को 26 सितंबर, शनिवार तक कर्मचारियों और पेंशनरों का सितंबर माह का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। इससे 28 से 30 सितंबर के बीच प्रस्तावित बैंक हड़ताल के दौरान भुगतान संबंधी संभावित परेशानी से कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार का यह फैसला बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल के संभावित असर को देखते हुए लिया गया है। तीन दिन की बैंक हड़ताल के दौरान बैंकिंग लेन-देन और अन्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में सरकार ने पहले ही वेतन और पेंशन जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रमुख सचिव वित्त रमेश कुमार सुधांशु ने 25 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ-साथ कोषागार, पेंशन एवं हकदारी निदेशक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के मुताबिक राज्य सरकार के सभी कार्मिकों और पेंशनरों को सितंबर 2026 के वेतन एवं पेंशन का भुगतान 26 सितंबर तक सुनिश्चित किया जाना है। इसके लिए संबंधित कोषागारों और विभागों को आवश्यक प्रक्रिया समय से पूरी करने को कहा गया है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बैंक हड़ताल के दौरान वेतन-पेंशन मिलने में संभावित देरी की चिंता से राहत मिल सकती है। सामान्य परिस्थितियों में महीने के अंतिम दिनों में होने वाले भुगतान को इस बार बैंक हड़ताल की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए पहले ही जारी किया जाएगा। सरकार ने केवल भुगतान जल्दी करने के निर्देश ही नहीं दिए हैं, बल्कि वेतन और पेंशन की गणना को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। आदेश में कहा गया है कि सितंबर माह का वेतन या पेंशन जारी करते समय संबंधित कर्मचारी अथवा पेंशनर की पूरे महीने की देय राशि का निर्धारण किया जाए। यदि भुगतान के बाद किसी प्रकार के समायोजन की आवश्यकता सामने आती है तो उसका निपटारा अक्टूबर 2026 के वेतन अथवा पेंशन में किया जाएगा। यानी भुगतान प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के बावजूद देय राशि के अंतिम समायोजन की व्यवस्था अगले महीने के भुगतान में रखी गई है। संबंधित विभागों और कोषागार अधिकारियों को भुगतान के साथ आवश्यक लेखांकन प्रक्रिया भी नियमानुसार पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य यह है कि बैंक हड़ताल शुरू होने से पहले वेतन और पेंशन से जुड़ी आवश्यक वित्तीय प्रक्रिया पूरी हो जाए, जिससे बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान का सीधा असर कर्मचारियों और पेंशनरों के भुगतान पर न पड़े। 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित बैंक हड़ताल को देखते हुए राज्य सरकार के इस आदेश को कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए अहम राहत के तौर पर देखा जा रहा है। अब संबंधित विभागों और कोषागारों के सामने 26 सितंबर तक भुगतान प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी है।

