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उत्तराखंड: छह नवंबर को देहरादून आएंगे गृह मंत्री अमित शाह, उत्तराखंड पुलिस को देंगे राष्ट्रपति पुलिस कलर

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देहरादून। उत्तराखंड पुलिस के गौरवशाली इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी छह नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देहरादून आ रहे हैं, जहाँ वे राज्य पुलिस बल को देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक 'राष्ट्रपति पुलिस कलर' से अलंकृत करेंगे।

उत्तराखंड पुलिस के लिए गौरवपूर्ण अवसर अब छह नवंबर को आयोजित होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस दिन देहरादून पहुंचकर उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान करेंगे। पहले यह समारोह नौ नवंबर को आयोजित होना प्रस्तावित था, लेकिन त्योहारों को देखते हुए कार्यक्रम की तारीख में बदलाव किया गया है। नई तिथि तय होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने गृह मंत्री के दौरे की तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रपति पुलिस कलर किसी भी पुलिस बल के लिए विशिष्ट सम्मान माना जाता है। यह सम्मान पुलिस बल की सेवाओं, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और उपलब्धियों का प्रतीक है। उत्तराखंड पुलिस के लिए यह अवसर विशेष महत्व रखता है। समारोह में गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राज्य पुलिस को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा। गृह मंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उनके आगमन और प्रस्थान के लिए मार्ग निर्धारित करने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बैठकों का दौर शुरू हो गया है। कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधों को लेकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय किया जा रहा है। कार्यक्रम की तारीख में बदलाव के बाद अधिकारियों के सामने निर्धारित समय के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने की जिम्मेदारी है। गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि समारोह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। राष्ट्रपति पुलिस कलर प्राप्त करना उत्तराखंड पुलिस के लिए सम्मान और गौरव का विषय होगा। यह सम्मान पुलिस बल के समर्पण, सेवा भावना और जिम्मेदारियों के निर्वहन को रेखांकित करता है। छह नवंबर को होने वाले समारोह पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं। त्योहारों के मद्देनजर बदली गई तारीख के साथ पुलिस-प्रशासन ने आयोजन को सफल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि समारोह की अंतिम तैयारियां किस तरह पूरी होती हैं और उत्तराखंड पुलिस इस गौरवपूर्ण अवसर को किस रूप में यादगार बनाती है।