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देवभूमि के स्वाभिमान पर सियासी घमासान: अखिलेश यादव के 'घुसपैठिया' बयान पर सीएम धामी का तीखा पलटवार

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देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों बयानों के तीखे बाणों ने सियासी पारा गर्मा दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा उत्तराखंड के लोगों को 'घुसपैठिया' कहे जाने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस बयान के सामने आते ही राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख पर जोरदार पलटवार किया है, जिसने देवभूमि के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

प्रदेश के लोगों को कथित तौर पर ‘घुसपैठिया’ कहे जाने के बयान पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देवभूमि के स्वाभिमान और राज्य निर्माण के लिए हुए संघर्ष का अपमान बताया है। मुख्यमंत्री ने इंटरनेट माध्यम एक्स पर अखिलेश यादव का वीडियो साझा करते हुए उनके बयान पर सवाल उठाए और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुए रामपुर तिराहा कांड की याद दिलाई। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है। इस पावन धरती ने देश को संत, सैनिक और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित अनेक व्यक्तित्व दिए हैं। ऐसे प्रदेश के लोगों के लिए घुसपैठिया जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना उनके स्वाभिमान और राज्य निर्माण के लिए किए गए संघर्ष का अपमान है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोग राज्य आंदोलन के दौरान हुए अत्याचारों और बलिदानों को आज भी नहीं भूले हैं। उन्होंने याद दिलाया कि उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में गोलीबारी हुई थी। धामी ने राजनीतिक सवाल उठाते हुए कहा कि जिस समय मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, उस दौरान उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों को गोलीबारी का सामना करना पड़ा था। अब उनके पुत्र अखिलेश यादव की ओर से उत्तराखंड के लोगों के लिए घुसपैठिया शब्द का इस्तेमाल किया जाना प्रदेश के लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता अपने संघर्ष, बलिदान और राज्य निर्माण के इतिहास को कभी नहीं भूल सकती। राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को याद करते हुए उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों से अपना रुख स्पष्ट करने की अपेक्षा जताई। इस विवाद को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव के कथित बयान का समर्थन करती है? क्या उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना कांग्रेस को स्वीकार है? मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से प्रदेश की जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा। उत्तराखंड की राजनीति में राज्य आंदोलन का इतिहास और आंदोलनकारियों का बलिदान संवेदनशील विषय रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के लोगों को लेकर दिए गए किसी भी विवादित बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आना स्वाभाविक है। मुख्यमंत्री धामी की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, अखिलेश यादव के बयान का पूरा संदर्भ और उनकी ओर से इस पर दी गई कोई सफाई सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मुख्यमंत्री धामी ने इस मुद्दे पर उत्तराखंड के स्वाभिमान, राज्य आंदोलन के बलिदान और राजनीतिक जवाबदेही को प्रमुखता से उठाया है।  अब निगाहें इस बात पर हैं कि अखिलेश यादव अपने बयान पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और कांग्रेस मुख्यमंत्री धामी के सवालों का क्या जवाब देती है।