राहुल गांधी FIRः कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई की रफ्तार पर सवाल उठाया

Blog
 Image

हल्द्वानी/रुद्रपुर। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सीधे पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक टकराव तक पहुंच गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज होने के बाद यह मामला खासा गरमाता हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण के मामले में शिकायत दिए जाने के बावजूद कई दिनों तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत मिलने के कुछ ही समय में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। कांग्रेस ने इसे पुलिस की दोहरी कार्यप्रणाली बताते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, दूसरी ओर पुलिस में शिकायत देने वालों का आरोप है कि सार्वजनिक मंच से की गई कथित टिप्पणी से अनुसूचित जाति के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर से नया मोड़
मामले में रविवार देर रात उस समय नया मोड़ आया, जब श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े विनोद कुमार आर्य और अमित कुमार ने राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि राहुल गांधी की ओर से अनुसूचित जाति के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिस मामले में पार्टी लगातार पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रही थी, उसमें कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन विपक्ष के नेता के खिलाफ शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से मुकदमा दर्ज कर दिया।

कांग्रेस का सवाल- शिकायत लंबित रही, एफआईआर इतनी जल्दी कैसे?
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण को लेकर पुलिस के सामने शिकायत दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। पार्टी का दावा है कि यह शिकायत 18 अगस्त से लंबित थी। कांग्रेस के मुताबिक, मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पार्टी लगातार आवाज उठाती रही, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके विपरीत, राहुल गांधी के खिलाफ तहरीर आने के बाद पुलिस ने तेजी से मुकदमा दर्ज कर लिया। कांग्रेस ने इसी अंतर को लेकर पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि किसी मामले में कानून के उल्लंघन की शिकायत मिलती है तो पुलिस को सभी पक्षों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। उनका आरोप है कि सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के मामले में पुलिस की कार्रवाई अलग दिखाई देती है, जबकि विपक्ष से जुड़े मामले में पुलिस ने असाधारण तेजी दिखाई।

प्रदेशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन
राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। ऊधमसिंह नगर जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में कोतवाली पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। रुद्रपुर में भी कांग्रेसियों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे का मामला नहीं है, बल्कि यह पुलिस की कार्यप्रणाली और सरकार की प्राथमिकताओं से जुड़ा सवाल है। पार्टी का आरोप है कि संविधान, सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग करने के बजाय शिकायत उठाने वाले नेता के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया। कांग्रेस ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि रामलीला मैदान प्रकरण में कार्रवाई नहीं होती और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया जाता तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

गणेश गोदियाल बोले- तीनों मोर्चों पर लड़ेंगे लड़ाई
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई उनके खिलाफ ही कर दी गई। गोदियाल ने आरोप लगाया कि जिस थाने में 18 अगस्त से कथित शुद्धिकरण के खिलाफ शिकायत लंबित थी, वहां कार्रवाई नहीं हुई, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर दी गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को कानूनी, लोकतांत्रिक और सड़क-तीनों स्तरों पर लड़ेगी। जरूरत पड़ने पर हल्द्वानी से देहरादून तक बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है। गोदियाल ने यह भी कहा कि संविधान और न्याय की लड़ाई में कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के कथित शुद्धिकरण का बचाव करने को लेकर भी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।

‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ कहकर कांग्रेस का हमला
राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ के मुहावरे के जरिए भाजपा सरकार और पुलिस पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं का कहना है कि जिस घटना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही थी, उसी मामले में शिकायतकर्ता पक्ष पर कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई। कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्रवाई सरकार के दबाव में हुई है। 

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया था मामला
राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा था कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में इस घटना का उल्लेख किया और इसे दलितों के अपमान तथा छुआछूत से जोड़ा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में हस्तक्षेप करने और एससी/एसटी कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की थी। राहुल गांधी ने इस पूरे विवाद को संविधान और भाजपा-आरएसएस की विचारधारा के बीच संघर्ष से जोड़ते हुए कहा था कि कथित शुद्धिकरण की घटना सामाजिक मानसिकता से जुड़े गंभीर सवाल उठाती है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान को लेकर भी विवाद
मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के कथित तौर पर शुद्धिकरण का बचाव किए जाने को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ही कथित शुद्धिकरण को उचित ठहराते हैं तो पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है। कांग्रेस ने मांग की है कि शुद्धिकरण की घटना में शामिल लोगों की पहचान कर निष्पक्ष जांच की जाए और यदि कानून का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाए।