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राहुल गांधी पर एफआईआर से भड़की उत्तराखंड कांग्रेस, डीजीपी कार्यालय पर प्रदर्शन,निरस्त न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य पुलिस महानिदेशक कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और डीजीपी को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को पूरी तरह झूठा, निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने सरकार और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को तत्काल निरस्त करने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि एफआईआर वापस नहीं ली गई और पार्टी की ओर से उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा राजनीतिक द्वेष से प्रेरित, झूठा और निराधार है। एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। धस्माना ने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस की कार्रवाई एकतरफा नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि आठ अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में रैली के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों की ओर से रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया गया था। कांग्रेस का आरोप है कि इस घटना के वीडियो साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद पुलिस ने अब तक संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया। वहीं, राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत मिलते ही महज 24 घंटे के भीतर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दी गई। धस्माना ने कहा कि इस कार्रवाई से उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है। कांग्रेस ने डीजीपी के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच कर उसे तत्काल निरस्त किया जाए। दूसरी, आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम करने वाले गिरीश पांडेय और उनके साथियों के खिलाफ उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। तीसरी, राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत करने वाले अमित कुमार के राजनीतिक संबंधों की भी जांच कराई जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और पुलिस को किसी राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि पुलिस ने कांग्रेस की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। धस्माना ने स्पष्ट चेतावनी दी कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त नहीं की गई और कांग्रेस के अनुसार वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर हर स्तर तक उठाएगी।