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महंगाई का बड़ा झटका: चीनी और सरसों तेल के बाद अब प्याज के दाम में भारी उछाल, दो दिन में सीधे दोगुने हुए दाम

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त्योहारी सीजन से ठीक पहले आम जनता के लिए राहत की खबरें कम और महंगाई का झटका अधिक देखने को मिल रहा है। चीनी और सरसों के तेल की बढ़ती कीमतों से पहले ही परेशान आम जनता की रसोई का बजट अब प्याज के अचानक बढ़े दामों ने बिगाड़ दिया है। महज 48 घंटों के भीतर प्याज के दाम सीधे दोगुने होकर 50 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे आम उपभोक्ता बेहद चिंतित हैं।

चीनी और सरसों के तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अब प्याज ने भी आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। पिछले दो दिनों में प्याज के दाम में अचानक बड़ा उछाल आया है। बाजार में जो प्याज दो दिन पहले करीब 25 रुपये किलो बिक रही थी, रविवार से उसकी कीमत बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। महज दो दिन में कीमत दोगुनी होने से गृहणियों के साथ ही आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच प्याज के दाम में अचानक आई तेजी ने लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। लोगों का कहना है कि रसोई में रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं में लगातार किसी न किसी चीज के दाम बढ़ रहे हैं। पहले चीनी और सरसों के दामों में बढ़ोतरी ने परेशान किया और अब प्याज की कीमत में अचानक उछाल ने चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों आबिद, राधेलाल, देशराज और महेंद्र ने बताया कि दो दिन पहले तक बाजार में प्याज 25 रुपये किलो के आसपास उपलब्ध थी। रविवार से दुकानदारों ने इसकी कीमत बढ़ाकर 50 रुपये किलो कर दी। अचानक दोगुनी कीमत होने से घर का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि प्याज रोजमर्रा के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर हर परिवार की रसोई पर पड़ता है। लोगों को आशंका है कि यदि खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर पड़ेगा। पहले से ही घरेलू खर्च संभालने में मुश्किल झेल रहे परिवारों के लिए खाद्य वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि बड़ी चुनौती बन सकती है। स्थानीय उपभोक्ताओं ने सरकार और प्रशासन से बाजार में खाद्य पदार्थों की कीमतों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अचानक कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी की वजह की जांच होनी चाहिए। यदि कहीं जमाखोरी या कृत्रिम तरीके से कीमत बढ़ाने का मामला है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। प्याज की कीमत में अचानक आया यह उछाल ऐसे समय हुआ है, जब लोग पहले से ही चीनी और सरसों के दाम बढ़ने से परेशान हैं। ऐसे में रसोई के बजट पर बढ़ता दबाव आम परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है।