Breaking News :

मिलावट और जमाखोरी पर सीएम धामी का चाबुक: उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी,खराब खाद्य सामग्री नष्ट

Blog
 Image

देहरादून। त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों में मिलावट, जमाखोरी और घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर उत्तराखंड सरकार ने शिकंजा कस दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सोमवार को प्रदेशभर में एक साथ जांच अभियान चलाया गया। जिलाधिकारियों को एक सप्ताह तक अभियान तेज रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी मंडलायुक्तों को सौंपी गई है। प्रशासन, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन और संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें बाजारों में उतरकर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के साथ ही सैंपल भी ले रही हैं। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में एक्सपायरी और खराब खाद्य सामग्री मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए। अधिकारियों की नजर खाद्य पदार्थों के साथ-साथ चीनी की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर भी है।

चमोली में तीन खाद्य नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए। एक्सपायरी डेट की सामग्री मिलने पर दो दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए और संबंधित सामान नष्ट कराया गया। दो कंपनियों की सामग्री की लेबलिंग और पैकेजिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। संबंधित निर्माताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। रुद्रप्रयाग में 12 दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल लिए गए। छह दुकानों में एक्सपायरी सामग्री मिलने पर दुकानदारों को चेतावनी देकर सामान नष्ट कराया गया। अल्मोड़ा में मिठाई के दो नमूने लिए गए, जबकि बागेश्वर में आठ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर तीन सैंपल लिए गए। पिथौरागढ़ में दो नमूने जांच के लिए लिए गए। चंपावत में अभियान एक अगस्त से जारी है। अब तक 21 स्थानों का निरीक्षण कर 10 सैंपल लैब भेजे गए हैं, जबकि सर्वे के लिए तीन अन्य नमूने लिए गए हैं। देहरादून में सोमवार को 11 खाद्य नमूने एकत्र किए गए और तीन प्रतिष्ठानों को व्यवस्थाओं में सुधार की चेतावनी दी गई। जिले में एक अगस्त से अब तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 48 खाद्य नमूनों की सैंपलिंग और सर्वे के लिए 20 नमूने लिए जा चुके हैं। 11 दुकानदारों को सुधार के लिए नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा एडीएम कोर्ट में चार वाद दर्ज कराए गए हैं। हरिद्वार में 17 अगस्त से अभियान चल रहा है। अब तक 47 व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 27 सैंपल लिए गए हैं। 10 दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं और विभिन्न न्यायालयों में चार मामले दर्ज कराए गए हैं। पौड़ी में सोमवार को 10 सैंपल लिए गए, जिनमें छह को जांच के लिए लैब भेजा गया। धारा 36 के तहत एक वाद स्वीकृत हुआ। नैनीताल में 10 दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल जांच के लिए भेजे गए और एक नमूना सर्वे के लिए लिया गया। एक प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की स्थिति खराब मिलने पर नोटिस दिया गया, जबकि मानकों के अनुरूप नहीं मिली 10 किलो मिठाई नष्ट कराई गई। टिहरी में सात व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर छह सैंपल लिए गए। उत्तरकाशी में 15 स्थानों पर निरीक्षण किया गया और चार सैंपल लिए गए। बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने के मामले में एक दुकानदार को नोटिस जारी किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान आम लोगों की सेहत और बाजार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।