देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। रविवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक सादे एवं गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्व. सिंघल के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके महान व्यक्तित्व और राष्ट्रसेवा के प्रति उनके समर्पण को याद किया।
विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता स्वर्गीय अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका भावपूर्ण स्मरण किया। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अशोक सिंघल के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और उसके संवर्धन के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित करने और सांस्कृतिक चेतना के प्रसार में सिंघल का योगदान लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से समाज में जागरूकता और संगठन की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया। भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण तथा उनके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए किए गए उनके प्रयासों को मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण बताया। जन्म शताब्दी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्वों का स्मरण नई पीढ़ी को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना किसी भी समाज की पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपने जीवन में समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार कार्य किया। उनके योगदान को केवल उनके समय तक सीमित नहीं माना जा सकता, बल्कि आने वाली पीढ़ियां भी उनके कार्यों से प्रेरणा ले सकती हैं। मुख्यमंत्री आवास में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए धामी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन सेवा, संगठन और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण का संदेश देता है। जन्म शताब्दी के अवसर पर हुए इस स्मरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को नमन करते हुए कहा कि समाज सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए समर्पित व्यक्तित्वों की विचारधारा और कार्यों को याद रखना समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अशोक सिंघल के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके योगदान को सदैव स्मरणीय बताया।

