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मतदाता सूची पुनरीक्षण पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी सख्त: उत्तराखंड के 4 बड़े जिलों में कैंप करेंगे कमिश्नर

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देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण भियान को पूर्णतः पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने कड़े कदम उठाए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसआईआर अभियान की उच्चस्तरीय समीक्षा की।

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर निर्वाचन आयोग ने निगरानी और सत्यापन व्यवस्था और सख्त कर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से SIR अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को दावे एवं आपत्तियों के चरण में प्राप्त आवेदनों का गहन सत्यापन करने और किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं छोड़ने के निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कुमाऊं आयुक्त को नैनीताल और ऊधमसिंह नगर, जबकि गढ़वाल आयुक्त को देहरादून और हरिद्वार में कैंप करने के निर्देश दिए। दोनों आयुक्त संबंधित जिलों में निर्धारित मानकों के अनुसार फील्ड विजिट कर SIR प्रक्रिया की जमीनी स्थिति की जांच करेंगे। खासतौर पर उन बूथों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, जहां मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। सीईओं ने निर्देश दिए कि जिन बूथों पर नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के आवेदन चार प्रतिशत से अधिक और नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के आवेदन दो प्रतिशत से अधिक प्राप्त हुए हैं, वहां EROs सभी संबंधित फॉर्म की क्रॉस वेरिफिकेशन करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया वास्तविक तथ्यों और निर्धारित नियमों के आधार पर ही हो। उन्होंने सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को दावे एवं आपत्तियों के दौरान सुपर चेकिंग और फील्ड विजिट अभियान चलाने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि कागजी जांच के साथ मौके पर जाकर भी आवश्यक सत्यापन किया जाए। एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारियों को भी बूथों के रेंडम फील्ड विजिट यानी औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी मौके पर जाकर प्रक्रिया की जांच करेंगे और यह देखेंगे कि बीएलओ स्तर से लेकर ईआरओ स्तर तक निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता निर्वाचन प्रक्रिया की बुनियादी आवश्यकता है। इसलिए दावे और आपत्तियों के चरण में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष तरीके से सत्यापन किया जाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास समेत सभी जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे। निर्वाचन विभाग की यह कवायद एसआईआर के तहत तैयार हो रही मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।