उत्तराखंड में बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर युवा कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अंकिता भंडारी के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग के साथ युवा कांग्रेस ने “मैं भी अंकिता भंडारी” अभियान की शुरुआत की है। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी सुरभि द्विवेदी ने इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर सुरभि द्विवेदी ने कहा कि यह लड़ाई केवल अंकिता भंडारी के न्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस इस अभियान के जरिए प्रदेश और देश की हर बेटी की आवाज को मजबूती से उठाएगी और तब तक संघर्ष जारी रखेगी, जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुरभि द्विवेदी ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई जांच की संस्तुति करने में सरकार को तीन साल का समय लग जाना, उसकी नीयत और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इतने लंबे अंतराल के बाद की गई सीबीआई जांच की निष्पक्षता को लेकर आम जनता में संदेह बना हुआ है। इस मौके पर युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव स्वाति नेगी ने भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अंकिता के माता-पिता को जबरन देहरादून बुलाया, जबकि मुख्यमंत्री स्वयं अंकिता के गांव जाकर शोकाकुल परिवार से मिल सकते थे। स्वाति नेगी ने इसे सरकार की संवेदनहीनता करार देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सत्ता को पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का नैतिक दायित्व निभाना चाहिए।

