उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में जमकर बर्फबारी हो रही है। पौड़ी, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल से ताजी बर्फबारी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री में भी स्नोफॉल हुआ है। बर्फबारी के लिए पर्यटक स्थलों पर टूरिस्ट का पहुंचना शुरू हो गया है। आज हुई बर्फबारी ने पहाड़ों में लंबे इंतजार को खत्म कर दिया है।
पौड़ी जनपद में बारिश के बाद अब बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। बर्फबारी की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। लंबे समय बाद पौड़ी में हुई बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र का मौसम खुशनुमा बना दिया है। बुआखाल, खिर्सू, टेका सहित आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो चुकी है। बर्फ से ढकी वादियों का नज़ारा देखने और इस मौसम का आनंद लेने के लिए दूर-दूर से लोग पौड़ी पहुंच रहे हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे। अचानक हुए इस बदलाव से सभी बेहद खुश और उत्साहित हैं। बर्फबारी से जहां एक ओर ठंड में इजाफा हुआ है। वहीं दूसरी ओर पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। टिहरी शहर में भी बर्फबारी हुई है. बर्फबारी के बाद स्थानीय लोग काफी खुश हैं। सोशल मीडिया पर बर्फबारी के बाद जश्न मनाते पर्यटकों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। पर्यटन नगरी धनौल्टी में भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। धनौल्टी व आसपास, सुरकण्डा मन्दिर,साथ ही नागटिब्बा की पहाड़ियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई साथ ही जिलामुख्यालय नई टिहरी में भी बर्फ की हल्की फुहारें देखने को मिली। जिससे व्यवसाइयों व किसानों के चेहरे खिल उठे। आज हुई बर्फबारी के बाद उम्मीद है कि पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पर्यटक अब धनौल्टी का रूख करेंगे। आज हुई काफी बर्फबारी सके बीच सड़क पर कुछ वाहनों को लोग बर्फबारी में धक्का लगाते भी दिखे। शाम चार बजे तक धनौल्टी में करीब 1 फीट बर्फबारी देखने को मिली। वहीं, उत्तरकाशी जिला भी बर्फबारी से अछूता नहीं रहा है। उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी हुई है। गंगोत्री और यमुनोत्री में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है।
पिथौरागढ़ जिले में भी भी बर्फबारी हो रही है। पिथौरागढ़ के मुनस्यारी सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के मौसम सुहावना हो गया है। आदि कैलाश और ॐ पर्वत क्षेत्र में भी भारी बर्फबारी हो रही है। लम्बे समय के बाद हो रही बर्फबारी का पर्यटक जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। उत्तराखंड में लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार हो रहा था। आज वो इंतजार खत्म हो गया है। आज कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी हुई है। गेहूं, सरसों और दालों की फसल के लिए बारिश अमृत समान मानी जा रही है। इसके अलावा बागवानी करने वाले किसानों के लिए भी यह खास है। सेब, आड़ू, खुबानी और अन्य फलों के लिए ठंड के साथ-साथ बर्फबारी भी जरूरी मानी जाती है। बर्फबारी से न सिर्फ मिट्टी में नमी बढ़ती है, बल्कि कीट रोग भी नियंत्रित होते हैं, जिससे अगली फसल बेहतर होती है। किसानों का कहना है अच्छी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सीधा फायदा कृषि और बागवानी को मिलेगा। उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश सिर्फ खेती के लिए ही नहीं बल्कि जल स्रोतों के लिए भी बेहद जरूरी है। पहाड़ों में होने वाली बर्फबारी धीरे-धीरे पिघलकर नदियों और गाड़ गधेरों को पानी देती है. इससे गर्मियों में पानी की किल्लत से राहत मिलती है।

