रुद्रपुर जनसेवा केंद्र में बड़े पैमाने पर आईडी जालसाजी, संचालक गिरफ्तार

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रुद्रपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर में डेमोग्राफी चेंज के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) कुमाऊं यूनिट और ट्रांजिट कैंप पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मछली मार्केट रोड स्थित ‘गंगवार जनसेवा केंद्र’ पर छापेमारी कर एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से आधार कार्ड का बारकोड तक बदल देता था और फर्जी पहचान पत्र तैयार कर मनमाने दामों में बेचता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चेतन कुमार पुत्र राजपाल निवासी रामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में रुद्रपुर की शिमला बहादुर गंगवार कॉलोनी में रह रहा था। एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि सिडकुल क्षेत्र में नौकरी पाने के इच्छुक बाहरी राज्यों के लोगों को उत्तराखंड के पते पर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए उपनिरीक्षक विपिन जोशी के नेतृत्व में टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त दबिश दी।

छापेमारी के दौरान आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। पुलिस को मौके से 42 आधार कार्ड (जिनमें दो कूटरचित), 55 पैन कार्ड (एक कूटरचित), नौ हाईस्कूल अंकतालिकाएं (आठ फर्जी प्रतियां), 11 फोटो पेपर शीट और नौ हजार रुपये नकद मिले। इसके अलावा एक कलर प्रिंटर, मॉनिटर, सीपीयू, कीबोर्ड, बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर और पोको कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया गया। जांच के दौरान दो ऐसे आधार कार्ड मिले जिनके बारकोड को स्कैन करने पर वास्तविक नाम चेतन कुमार ही प्रदर्शित हुआ। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ‘पिक्सेल लैब’ नामक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए आधार और पैन कार्ड में फोटो, नाम और पता बदल देता था। इसके बाद कूटरचित बारकोड तैयार कर कार्ड का प्रिंट निकालता और ग्राहकों को उपलब्ध कराता था। तलाशी के समय कंप्यूटर स्क्रीन पर भी फर्जी अंकतालिकाओं की प्रतियां खुली मिलीं। आरोपी ने पुलिस को बताया कि सिडकुल की कंपनियों में स्थानीय पते के दस्तावेज अनिवार्य होते हैं। इसी का फायदा उठाकर वह बाहरी राज्यों के लोगों को फर्जी उत्तराखंड पते के दस्तावेज उपलब्ध कराता था। जांच में यह भी सामने आया कि उसके पास जनसेवा केंद्र संचालित करने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कार्रवाई के दौरान ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से मौके की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए गए। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विपिन जोशी, कृष्ण गोपाल मठपाल, अकरम अहमद सहित अन्य कर्मी शामिल रहे। एसटीएफ अधिकारियों ने कहा कि डेमोग्राफी चेंज और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी व्यवस्थाओं से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।