पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से हर्षिल घाटी बनी इंटरनेशनल एडवेंचर डेस्टिनेशन

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उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी खूबसूरत हर्षिल घाटी में अब रोमांच का एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्वरोजगार योजनाओं से प्रेरणा लेकर स्थानीय युवाओं ने घाटी में 'ऑल टेरेन वाहन' की शुरुआत की है। यह पहल न केवल घाटी में साहसिक पर्यटन (एडवेंचर स्पोर्ट्स) को एक नया आयाम दे रही है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका का एक मजबूत और आत्मनिर्भर जरिया भी बनकर उभरी है।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर हर्षिल के ऊंचे-नीचे और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर दौड़ती इन एटीवी बाइक्स को देखने और इनकी सवारी करने के लिए पर्यटकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु दर्शन के साथ-साथ अब यहाँ एडवेंचर का भी भरपूर लुत्फ उठा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि सीमांत क्षेत्रों में इस तरह की साहसिक गतिविधियों की शुरुआत होने से रिवर्स पलायन को बढ़ावा मिलेगा। इस व्यवसाय से जुड़े स्थानीय युवाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत मिले सहयोग से वे आज अपने ही घर में रहकर सम्मानजनक आजीविका कमा रहे हैं। एटीवी राइडिंग से न सिर्फ पर्यटकों को नया अनुभव मिल रहा है, बल्कि इससे होटल, होमस्टे और स्थानीय ढाबा व्यवसायियों की आमदनी में भी इजाफा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'देश के पहले गांवों' के विकास और मुख्यमंत्री धामी के पर्यटन विस्तार के विजन को धरातल पर उतारता यह प्रयास भविष्य में हर्षिल घाटी को एडवेंचर टूरिज्म के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।