हरिद्वार से उत्तरकाशी तक विजिलेंस का लगातार रिश्वत विरोधी अभियान

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उत्तराखंड में रिश्वतखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आए दिन रिश्वत के मामले में अधिकारी और कर्मचारी गिरफ्तार हो रहे हैं। ताजा मामला उत्तरकाशी से सामने आया है। जहां विजिलेंस की टीम ने एक अमीन को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा है। वहीं, विजिलेंस की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। 

जानकारी के मुताबिक,उत्तरकाशी के प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग भटवाड़ी कैंप कार्यालय से अमीन टिका राम नौटियाल को विजिलेंस ने ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा है।  बताया जा रहा है कि अमीन शिकायतकर्ता से सड़क निर्माण के दौरान कटान हुई भूमि के मुआवजे के एवज में रिश्वत मांग रहा था, लेकिन विजिलेंस के हत्थे चढ़ गया। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस में एक सूचना दी थी। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि अमीन टिका राम नौटियाल उनसे भूमि के मुआवजे से जुड़ी फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांग रहा है। जिस पर विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया। जिसके तहत गुरुवार यानी 22 जनवरी को अमीन को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की टीम अब उससे पूछताछ कर रही है। साथ ही सभी दस्तावेज खंगाल रही है। बीती 16 जनवरी को भी विजिलेंस की टीम ने हरिद्वार के जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य और उनके सहायक गौरव शर्मा को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। यह रकम उन्होंने किसी राशन डीलर से मांगी थी। जिसकी शिकायत डीलर ने विजिलेंस से कर दी। जिस पर देहरादून से विजिलेंस की टीम मौके पर पहुंची और जाल बिछाकर गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले हरिद्वार जिले के रुड़की में विजिलेंस की टीम ने सिविल अस्पताल से एक डॉक्टर को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। डॉक्टर ने मारपीट मामले में लीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट बनाने के एवज में 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी, लेकिन सौदा 20 हजार रुपए में तय हुआ। जिसके बाद विजिलेंस ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया।