राष्ट्रीय परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संरचित मॉड्यूल

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उत्तराखंड में 11वीं और 12वी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ ही उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं को तैयारी करने के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना को शुरू करने का निर्णय लिया है. इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से मंत्रिमंडल के सम्मुख प्रस्ताव रखा गया था। जिस पर बुधवार को हुई धामी मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिल गई है। 

उच्च शिक्षा विभाग की ओर से मंत्रिमंडल में रखे गए प्रस्ताव के मुताबिक, उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे जो छात्र-छात्राएं, यूपीएससी, सीडीएस, एसएससी, कैट, मैट, गेट, यूजीसी नेट की तैयारी कर रहे हैं, उन छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिसमें अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन वीडियो और प्रैक्टिस पेपर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए एक संस्था का भी चयन किया जाएगा, जो इन छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इस योजना के तहत छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा में लाइव क्लासेस चलाई जाएगी। एआई आधारित डाउट्स क्लियर किए जाएंगे। सभी छात्रों के लिए लॉगइन की सुविधा होगी।  लर्निंग संसाधन हिंदी, इंग्लिश भाषा में डाउनलोड किया जा सकेगा। इसके अलावा ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। यही नहीं, छात्रों के लिए मेंटर सत्र का भी समय-समय पर आयोजन किया जाएगा, ताकि बच्चों के डाउट्स को क्लियर किया जा सके।  इस योजना के तहत छात्र-छात्राओं को निशुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराए जाने संबंधित स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद चयनित छात्र-छात्राओं को निशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से मंत्रिमंडल के सम्मुख प्रस्ताव रखा गया कि सरकारी स्कूलों में 11वीं और 12वी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को CLAT, NEET और JEE की परीक्षा की निःशुल्क तैयारी कराई जाएगी। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से भी 'मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना' का प्रस्ताव तैयार किया गया, जिस पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी है। इस योजना के तहत प्रदेश के करीब 10 हजार छात्र-छात्राओं को लाभान्वित करने की योजना है। उच्च शिक्षा विभाग की योजना के तरह ही माध्यमिक शिक्षा विभाग कि इस योजना का लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा।