ऑपरेशन प्रहार में जंगल के रास्ते चल रही तस्करी का खुलासा

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रुद्रपुर। ऑपरेशन प्रहार के तहत ऊधम सिंह नगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय अवैध असलाह तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार जम्मू-कश्मीर तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार 8 अप्रैल 2026 को एसओजी रुद्रपुर और कोतवाली सितारगंज पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सिडकुल फेस-02 क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की सफेद स्विफ्ट कार संदिग्ध रूप से कच्चे रास्ते से गुजरती दिखाई दी। पुलिस टीम द्वारा वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने भागने की कोशिश की। हालांकि कच्चे रास्ते में वाहन फंसने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरेन्द्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू के रूप में हुई है, जो सितारगंज क्षेत्र के निवासी हैं। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अंतर्राज्यीय स्तर पर अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे और पुलिस दबिश के डर से इन हथियारों को चोरगलिया जंगल में छिपाने जा रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू निवासी वाहिद और वाजिद सहित अन्य लोगों को हथियार उपलब्ध कराए जाते थे। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क के तार आतंकवादी गतिविधियों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क को पुलभट्टा क्षेत्र के कुछ लोगों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। पुलिस अब इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, कॉल डिटेल्स और बैंकिंग ट्रांजैक्शन के जरिए पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दबिश दी जा रही है। इस मामले में कोतवाली सितारगंज में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद में किसी भी प्रकार की अवैध असलाह तस्करी, संगठित अपराध या आपराधिक गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।