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सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी, शत-प्रतिशत रिजल्ट पर बोर्ड देगा शानदार उपहार

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देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत की है। बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में जिन विषयों में छात्र-छात्राओं ने 'शत-प्रतिशत' (100/100) अंक हासिल किए हैं, अब उन विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी बोर्ड द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार है जब मेधावी छात्रों के साथ-साथ उनकी सफलता की इबारत लिखने वाले शिक्षकों को भी मंच पर सम्मान मिलेगा। अभी तक की परंपरा के अनुसार, बोर्ड परीक्षाओं के बाद केवल टॉपर्स और मेधावी छात्रों को ही पुरस्कृत किया जाता रहा है। लेकिन अब विभाग ने उन शिक्षकों की मेहनत को भी पहचान देने का निर्णय लिया है, जिनकी सटीक गाइडेंस और कड़ी मेहनत की बदौलत छात्र कठिन विषयों में भी पूरे अंक प्राप्त कर रहे हैं। इन शिक्षकों को विभाग की ओर से स्मृति चिह्न (Trophy) और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद सिमल्टी ने जानकारी दी कि शानदार रिजल्ट देने वाले शिक्षकों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, ऐसे शिक्षकों की संख्या 200 या उससे भी अधिक हो सकती है। विभाग का मानना है कि इस पहल से शिक्षकों के बीच एक सकारात्मक प्रतिस्पर्धा शुरू होगी और उन्हें बेहतर परिणाम देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों के आंकड़े शिक्षकों की मेहनत की गवाही दे रहे हैं। कुल 28.20 प्रतिशत छात्र प्रथम श्रेणी में और 42.86 प्रतिशत द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। 41.32 प्रतिशत छात्रों ने प्रथम श्रेणी और 34.82 प्रतिशत ने द्वितीय श्रेणी प्राप्त की है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में कई छात्र-छात्राओं ने 100 में से 100 अंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षकों को सम्मानित करने से उनमें अपने कर्तव्य के प्रति नया जोश भरेगा। जब किसी छात्र के 100 अंक आते हैं, तो उसके पीछे शिक्षक की साल भर की तपस्या होती है। अब तक यह तपस्या पर्दे के पीछे रहती थी, लेकिन अब सरकार और बोर्ड ने इसे सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने का फैसला लिया है, जो कि स्वागत योग्य कदम है। बोर्ड सचिव ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ अंकों के डेटा के आधार पर किया जा रहा है। जल्द ही एक भव्य समारोह आयोजित कर इन 'राष्ट्र निर्माताओं' को सम्मानित किया जाएगा। इस पहल से आने वाले वर्षों में बोर्ड के परीक्षा परिणाम और गुणात्मक शिक्षा के स्तर में बड़े सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।