नई दिल्ली। हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे सूरजकुंड मेले के दौरान शनिवार को एक बहुत बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगा झूला अचानक टूटकर गिर गया। इससे वहां हड़कंप मच गया। हादसे के वक्त झूले के आस-पास काफी संख्या में लोग मौजूद थे। वहीं खुद झूले पर 26 लोग सवार थे। घायल लोगों को बचाने के लिए ड्यूटी पर मौजूद हरियाणा पुलिस के निरीक्षक जगदीश प्रसाद दौड़कर पहुंचे तो झूला दोबार टूटकर उनके ऊपर गिर गया। इससे वह घायल हो गए और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इस हादसे के बाद चारों तरफ एक ही सवाल है कि झूला कैसे टूटा? किस तरफ से टूटा? किसकी लापरवाही से टूटा? इस हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे देखकर रूह कांप जा रही है। सूरजकुंड मेले में झूला टूटने का ये लाइव वीडियो करीब एक मिनट का है। इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि गोल गोल घुमाते हुए झूला हवा से जमीन की तरफ आता है और फिर जमीन से हवा में जाता है। झूला झूल रहे लोगों को ये अहसास भी नहीं था कि अगला एक मिनट उन पर कितना भारी गुजरने वाला है। एक मिनट 9 सेकेंड के इस वीडियो में ठीक एक मिनट 3 सेकेंड पर झूला बाएं हिस्से की तरफ से टूट जाता है। हादसे के लिए झूला ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सिर्फ झूला ऑपरेटर ही हादसे का जिम्मेदार है? क्या लोग सिर्फ मेले के झूला ऑपरेटर के विश्वास के दम पर घूमने आए थे? क्या जिम्मेदारी प्रशासन की नहीं बनती, जिसने ऐसे झूलों के इंस्पेक्शन के लिए टीम नहीं रखी? अगर रखी तो जिम्मेदार वो टीम या संबंधित अधिकारी नहीं हैं।

