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उत्तराखंड के मेधावी छात्रों को बड़ा तोहफ़ा: नवंबर में अंतरराज्यीय शैक्षिक भ्रमण पर जाएँगे बच्चे

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देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी और मेधावी स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कई बड़ी सौगातों की घोषणा की गई है। प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को किताबी पढ़ाई से आगे व्यावहारिक ज्ञान, आधुनिक तकनीक, खेल और समृद्ध संस्कृति से जोड़ने के लिए नवंबर माह में 'अंतरराज्यीय शैक्षिक भ्रमण' पर भेजा जाएगा। इसके साथ ही स्कूली बच्चों को मिलने वाली आवश्यक सुविधाओं जैसे स्कूल ड्रेस, बैग, जूते और साइकिल की धनराशि आगामी एक माह के भीतर डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी।

उत्तराखंड के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के विद्यार्थियों को अब पढ़ाई के साथ विज्ञान, तकनीक, खेल और संस्कृति की दुनिया को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। विद्यालयी शिक्षा विभाग नवंबर में मेधावी विद्यार्थियों को अंतरराज्यीय शैक्षिक भ्रमण पर भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस, बैग, जूते और साइकिल के लिए मिलने वाली धनराशि भी एक माह के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की योजना है। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को इन योजनाओं में तेजी लाने और विद्यार्थियों से जुड़े अन्य लंबित मामलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यावहारिक शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक से परिचित कराना है। शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से बच्चों को देश के प्रमुख संस्थानों में चल रहे शोध, प्रशिक्षण और नवाचार को समझने का अवसर मिल सकेगा। विभाग की ओर से भ्रमण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। प्रस्तावित अंतरराज्यीय शैक्षिक भ्रमण के तहत विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों, अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थानों, प्रौद्योगिकी संस्थानों और ऐतिहासिक विरासत स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। कार्यक्रम में खेल प्रशिक्षण संस्थानों, सांस्कृतिक केंद्रों, संगीत और कला अकादमियों को भी शामिल करने की तैयारी है। इससे विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को समझने में मदद मिलेगी। खास तौर पर मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और भविष्य में करियर के विकल्पों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। हालांकि, भ्रमण पर जाने वाले विद्यार्थियों की संख्या, चयन प्रक्रिया और अलग-अलग स्थानों का अंतिम कार्यक्रम अभी निर्धारित किया जाना है। शैक्षिक भ्रमण केवल राज्य के बाहर तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेश के भीतर स्थित प्रमुख शैक्षणिक, वैज्ञानिक और प्राकृतिक स्थलों को भी कार्यक्रम में शामिल करने की योजना है। इनमें आईआईटी रुड़की, एनआईटी, आईआईएम काशीपुर, देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान, मसूरी स्थित आईएएस प्रशिक्षण अकादमी और जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान प्रमुख हैं। इन संस्थानों और स्थलों के भ्रमण से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, वन अनुसंधान, प्रशासनिक प्रशिक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को समझने का अवसर मिल सकता है। सरकार का जोर विद्यार्थियों के ज्ञान और अनुभव का दायरा बढ़ाने पर है, ताकि वे अपनी रुचि के अनुसार भविष्य के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकल्पों को पहचान सकें। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं के भुगतान में भी तेजी लाने की तैयारी है। स्कूल ड्रेस, बैग, जूते और साइकिल के लिए निर्धारित धनराशि एक माह के भीतर प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण यानी डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा इन सुविधाओं के लिए दी जाने वाली राशि में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार करने की बात भी कही गई है। विद्यार्थियों को निशुल्क टैबलेट उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्ताव भी मंत्रिमंडल के समक्ष रखे जाने की तैयारी है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा के संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। शिक्षा विभाग में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरना भी प्राथमिकता में शामिल है। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के साथ चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी है। अशासकीय विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन और प्रांतीयकरण तथा सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने से जुड़े विषयों पर भी कार्रवाई प्रस्तावित है। इसके अलावा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के नए ढांचे से संबंधित प्रस्ताव मंत्रिमंडल के सामने लाए जाने हैं। पीएम-श्री और समग्र शिक्षा योजनाओं के अंतर्गत तैयार सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सुविधाओं, स्मार्ट कक्षाओं, खेल परिसरों और छात्रावासों के लोकार्पण की भी योजना है। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए रिक्त पदों को भरने सहित सभी जरूरी कार्यों में तेजी लाई जाए और विद्यार्थियों के शैक्षिक भ्रमण की रूपरेखा जल्द तैयार की जाए। अब विद्यार्थियों और अभिभावकों की निगाहें इन योजनाओं के क्रियान्वयन, भ्रमण कार्यक्रम की घोषणा और सहायता राशि खातों में पहुंचने पर टिकी हैं।