देहरादून। उत्तराखंड सरकार राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क धार्मिक यात्रा का अवसर प्रदान कर रही है। 'दीन दयाल उपाध्याय मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना' के तहत पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यात्रा के साथ-साथ बुजुर्गों के रहने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था भी सरकार द्वारा पूरी तरह नि:शुल्क की जाती है।
उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने के लिए संचालित दीनदयाल उपाध्याय मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के तहत इस वर्ष भी तीर्थयात्रा की तैयारी शुरू कर दी है। पर्यटन विभाग की इस योजना के माध्यम से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र बुजुर्गों को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाते हैं। खास बात यह है कि यात्रा के दौरान बुजुर्गों के लिए रहने और खाने की सुविधा भी निश्शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इस वर्ष पर्यटन विभाग ने बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ धाम और गंगोत्री धाम के दर्शन कराने का प्रस्ताव तैयार किया है। यात्रा सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। योजना के तहत यात्रा के लिए जिलों से आवेदन मांगे गए थे और अब तक बड़ी संख्या में बुजुर्गों ने इसमें रुचि दिखाई है। नैनीताल की जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या के अनुसार, इस वर्ष बदरीनाथ और गंगोत्री धाम की यात्रा प्रस्तावित है। विभाग को अब तक बदरीनाथ के लिए 90 और गंगोत्री के लिए 60 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। पात्र बुजुर्ग अभी भी इस यात्रा के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए बुजुर्ग की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। पात्र लोगों को अपने जिले में निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराना होगा। यात्रा के लिए पंजीकरण जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से कराया जाएगा। इसके बाद संबंधित जिला पर्यटन अधिकारी के माध्यम से तीर्थयात्रियों को यात्रा में शामिल किया जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से इसके लिए आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इच्छुक बुजुर्ग अपने जिले के जिला पर्यटन विकास अधिकारी कार्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग पात्र लोगों का चयन कर यात्रा कार्यक्रम के अनुसार तीर्थयात्रा कराएगा।दीनदयाल उपाध्याय मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना का उद्देश्य ऐसे बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है, जो उम्र या आर्थिक परिस्थितियों के कारण स्वयं तीर्थयात्रा नहीं कर पाते। योजना के तहत सरकार की ओर से यात्रा के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। बदरीनाथ और गंगोत्री जैसे प्रमुख धामों के दर्शन की सुविधा मिलने से बुजुर्गों में उत्साह है। सितंबर में प्रस्तावित यात्रा को लेकर पर्यटन विभाग तैयारियों में जुटा है। आवेदन प्राप्त होने के बाद अब विभाग पात्र तीर्थयात्रियों की प्रक्रिया पूरी कर यात्रा को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

