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उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव का बिगुल: बिहार से पहुंचीं हजारों ईवीएम और वीवीपैट,अधिकारियों के तबादले और ट्रेनिंग की तैयारी तेज

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उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बीच चुनाव आयोग ने चुनावी मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। राज्य में पहले से मौजूद ईवीएम के अलावा बिहार से 2,500 बैलेट यूनिट, 6,000 वीवीपैट और 12,500 कंट्रोल यूनिट की नई खेप उत्तराखंड पहुंच चुकी है, जिन्हें जिलावार भेज दिया गया है।

प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियों को तेज कर दिया है। प्रदेश में जहां एक ओर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से मतदाता सूची को अंतिम रूप देने का कार्य जारी है, वहीं दूसरी ओर चुनावी मशीनरी भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। चुनाव आयोग की योजना के तहत बिहार से 2,500 बैलेट यूनिट, 6,000 वीवीपैट और 12,500 कंट्रोल यूनिट उत्तराखंड पहुंच चुकी हैं। इन मशीनों को जिलावार भेज दिया गया है और अगले महीने से चुनावी अधिकारियों के प्रशिक्षण का सिलसिला शुरू होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव तैयारियों का विस्तृत प्लान तैयार कर लिया है। इसके तहत जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), रिटर्निंग अफसर (आरओ) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारियों का पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण में मतदान प्रक्रिया, ईवीएम संचालन, मतगणना, आदर्श आचार संहिता और निर्वाचन संबंधी नवीन दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। प्रदेश में पहले से उपलब्ध ईवीएम की संख्या भी पर्याप्त है। वर्तमान में उत्तराखंड के पास 27,700 बैलेट यूनिट, 36,553 कंट्रोल यूनिट और 25,697 वीवीपैट उपलब्ध हैं। बिहार से आई नई मशीनों के जुड़ने के बाद चुनाव आयोग के पास मतदान के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो गए हैं। इससे किसी भी परिस्थिति में चुनाव संचालन में मशीनों की कमी नहीं होगी। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार सितंबर और अक्टूबर में प्रदेशभर में ईवीएम की प्रथम स्तर (फर्स्ट लेवल चेकिंग) की जाएगी। इस दौरान प्रत्येक मशीन की तकनीकी जांच विशेषज्ञों की निगरानी में होगी। जिन ईवीएम में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी मिलेगी, उन्हें तत्काल चुनाव प्रक्रिया से अलग कर दिया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद सभी सही मशीनों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा। चुनावी तैयारियों का दायरा केवल ईवीएम तक सीमित नहीं रहेगा। आयोग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, विभिन्न चुनावी प्रकोष्ठों और अधिकारियों को भी चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देगा। साथ ही व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं चुनावी भागीदारी कार्यक्रम के तहत जिलावार जागरूकता अभियान की भी रूपरेखा तैयार की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक मतदाता मतदान में हिस्सा लें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार चुनावी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए पावर पैक, सील, टैग और अन्य चुनावी सामग्री की खरीद प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है। इसके अलावा चुनाव आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश में तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात आईएएस, पीसीएस और चुनाव ड्यूटी से जुड़े अधिकारियों के तबादले भी किए जाएंगे। आयोग की ओर से इस संबंध में राज्य सरकार को जल्द पत्र भेजा जाएगा। इन तबादलों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए अधिकारी समय रहते चुनाव संबंधी सभी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें और निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित हो। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव भले ही अभी कुछ महीने दूर हों, लेकिन चुनाव आयोग की सक्रियता से साफ है कि लोकतंत्र के इस महापर्व को सफल, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की तैयारी अभी से युद्धस्तर पर शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन, अधिकारियों के प्रशिक्षण और ईवीएम परीक्षण जैसी प्रक्रियाएं चुनावी माहौल को और गति देंगी।